दर्द बढ़ कर सितंबर 13, 2017 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप दर्द बढ़ कर फुगाँ ना हो जाये ये ज़मीं आसमाँ ना हो जाये दिल में डूबा हुआ जो नश्तर है मेरे दिल की ज़ुबाँ ना हो जाये दिल को ले लीजिए जो लेना हो फिर ये सौदा ग़राँ ना हो जाये आह कीजिए मगर लतीफ़-तरीन लब तक आकर धुआँ ना हो जाये टिप्पणियाँ
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