जान लेती नहीं जीना मुहाल कर दिया
तेरी यादों ने मेरा क्या हाल कर दिया
हम तो एक जान थे जुदाई मुमकिन न थी
फ़ासले दे कर तुमने कमाल कर दिया
जाते जाते कुछ शिकायतें तो की होती
चुप रहकर मुझको सवाल कर दिया
सुना है बन गए हो मसीहा किसी के
क़त्ल मेरा हुआ मुझको गुनहगार कर दिया
Miss you yaara
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