ज़िन्दगी को ग़म का
तराना मिल ही जाता है।
दिल को जलने का
बाहना मिल ही जाता है।।
दर्दों-ग़म कभी
होते नहीं दर-ब-दर।
उनको मेरे दिल में
ठिकाना मिल ही जाता है।।
आतिश-ए-इश्क़
लिए जल जाती हैं समां।
ऐसी समां को कोई
परवाना मिल ही जाता है।।
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-"अजनबी"-
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