कुछ दहशत हर बार खरीदा ...

कुछ दहशत हर बार खरीदा
जब हमने अखबार खरीदा

माल,भाव,बाज़ार आपके
हमने क्या सरकार खरीदा

एक मुश्त में दिल दे आया
टुकड़ा टुकड़ा प्यार खरीदा

इक भोली मुस्कान के लिए
कितना कुछ बेकार खरीदा

हम हर बार लुटा देते हैं
तुमने जो हर बार खरीदा

प्यार से भी हम मर जाते हैं
आपने क्यों हथियार खरीदा

टिप्पणियाँ