“मिला वो🌹 भी नही करते,
मिला अब हम भी नही करते.”
“दगा वो🌹 भी नही करते,
दगा कभी हम भी नही करते.”
“उन्हे रुसवाई का दुख,
हमे तन्हाई का डर”
“गिला वो🌹 भी नही करते,
शिकवा अब हम भी नही करते.”
“किसी महफ़िल में मुलाकात हो जाती है अक्सर”
“सलाम वो 🌹भी नही करते,
सजदा अब हम भी नही करते.”
“जब भी देखते हैं उन्हे🌹,
सोचते है कुछ कहें उनसे.”
“सुना वो 🌹भी नही करते,
अब कहा हम भी नही करते.”
“लेकिन ये भी सच है,
की मोहब्बत उन्हे🌹 नहीं थी कभी हमसे”
पर .......... वो🌹भी नही करते,
.............अब हम भी नही करते.”
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